लखनऊ। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा (आरटीई) अधिनियम
इस चरण में अब तक 80 हजार ही हुए आवेदन

के तहत प्रदेश में दूसरे चरण के आवेदन चल रहे हैं। पहले चरण की अपेक्षा दूसरे चरण में आवेदन की गति धीमी है। अब तक लगभग 80 हजार आवेदन हुए हैं जबकि आवेदन की आखिरी तिथि 19 जनवरी है। बेसिक शिक्षा विभाग आवेदन बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर प्रयास कर रहा है। पहले चरण में जहां 1.32 लाख आवेदन हुए थे।
दूसरे चरण में ही आवेदन कम होने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू की है। विभाग की ओर से सभी जिलों में स्थापित हेल्प डेस्क को सक्रिय करने और आरटीई के प्रचार- प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस चरण के आवेदन के बाद यह भी समीक्षा की जाएगी कि हेल्प डेस्क के माध्यम से कितने आवेदन हुए हैं। उसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।