लखनऊ, । सरकार ने विधान परिषद में आश्वासन दिया है कि आगामी दो माह के भीतर एडेड शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का प्रावधान कर दिया जाएगा। शुक्रवार को विधान परिषद के नेता सदन केशव प्रसाद मौर्या ने शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा एडेड शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर कार्यस्थगन के तहत उठाए गए प्रकरण पर कहा कि पांच मार्च को सदन का सत्र समाप्त होने के बाद वे इस प्रकरण में सभी पक्षों के साथ बैठक कर दो महीने के भीतर सर्वमान्य हल निकाल लेंगे। दरअसल ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और प्रमोशन का अधिकार बोर्ड को था। अब बोर्ड

को भंग कर दिया गया। ऐसे में सेवा सुरक्षा और प्रमोशन के लिए पूर्ववर्ती बोर्ड में जो माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड अधिनियम-1982 की धारा 12,18 एवं 21 थी, वह नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली में समाप्त कर दी गई है। इससे शिक्षकों का उत्पीड़न बढ़ गया है। संबंधित धाराओं का प्रावधान नहीं होने के कारण अब तक सैकड़ों शिक्षकों को प्रबन्धन अनियमित रूप से बर्खास्त कर चुका है। दो साल से एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के प्रमोशन नहीं हुए। प्रवक्ता के पद खाली पड़े हैं। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम-2023 उच्च सदन से भी पास हुआ था। उस समय इस तथ्य को संज्ञान में लाया जाना चाहिए।