मऊ। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई के परिणाम (लर्निंग आउटकम) बढ़ाने और स्कूलों की निगरानी की कमान अब एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के हाथ अब मॉनिटिरंग की बजाए मूल विद्यालयों में कक्षा कक्ष के ब्लैकबोर्ड पर चलेगी। जिले में तैनात 45 एआरपी का कार्यकाल खत्म होने के बाद सभी को मूल विद्यालय जाने का बीएसए ने आदेश जारी किया है।

जिला समन्वयक प्रशिक्षण अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया हर ब्लॉक में एक-एक एआरपी का चयन समाज शास्त्र, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, सांख्यिकी और कृषि विषय से किया जाएगा। एक-एक एआरपी हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के लिए नियुक्त किए गए थे। जनपद में इनकी संख्या 50 रही। इनमें 45 एआरपी का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो गया गया है। एआरपी का कार्यकाल एक वर्ष का था, लेकिन कोरोनाकाल के बाद से इनके कार्यकाल को खत्म करने की कोई पहल नहीं हो सकी थी। हर साल उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर जिला स्तरीय चयन समिति की संस्तुति पर नवीनीकरण किया जाता रहा। अधिकतम तीन वर्ष के बाद पुन: चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एआरपी को स्कूलों का पर्यवेक्षण करने के लिए हर महीने 2500 रुपये वाहन भत्ता दिया जाता था। बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय की ओर से जारी आदेश में 45 एआरपी को मूल विद्यालय वापस करते हुए सभी से शैक्षणिक कार्य के लिए निर्देशित किया गया है।
पांच एआरपी बने रहेंगे
- टीजीटी 2013 के चयनित अभ्यर्थियों ने एकल पीठ के आदेश को दी चुनौती
- आठवीं पास सभी छात्रों को दिलाया जाएगा नौवीं में प्रवेश, प्रधानाध्यापक करेंगे मदद
- मारपीट के आरोपी विश्वविद्यालय के दो अध्यापक प्रॉक्टोरियल बोर्ड से हटाए गए
- जिले के अंदर शिक्षकों के परस्पर तबादले के लिए आवेदन शुरू
- BSA ने प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक निलंबित
मऊ। जिला समन्वयक प्रशिक्षण अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया जिन एआरपी का कार्यकाल का 31 मार्च को खत्म हो गया है। उन्हें कार्यमुक्त कर एक अप्रैल से अपने मूल विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है, जबकि पांच एआरपी का अभी तीन वर्ष कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है। वे अपना दायित्व पूर्व की भांति निभाते रहेंगे। इनमें फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के मनीप्रकाश सिंह अंग्रजी और राधेश्याम पांडेय हिंदी विषय, रतनपुरा में शैलेश राय अंग्रेजी विषय, कोपागंज में संतोष कुमार यादव हिंदी विषय, मऊ नगर में पवन कुमार गुप्ता समाजिक विषय की मॉनिटरिंग करते रहेंगे।
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के कार्य
मऊ। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को हर महीने की 28 तारीख को अगले महीने की कार्ययोजना और भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक-प्रशिक्षण के जरिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं डायट प्राचार्य के समक्ष प्रस्तुत करनी होती थी। प्रत्येक एआरपी को हर महीने कम से कम 30 स्कूलों का प्रेरणा एप से सुपरविजन करना होता था। निरीक्षण में संवेदनशील मुद्दों लैंगिक समता-समानता, जीवन कौशल शिक्षा, पर्यावरण संवेदना, सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, आत्मरक्षा और बाल अधिकार पर विचार-विमर्श करते थे।
मूल विद्यालय भेजा गया
परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई के परिणाम (लर्निंग आउटकम) बढ़ाने और स्कूलों की निगरानी की कमान एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के हाथ में होती है। वर्तमान में पूरे जिले में 45 एआरपी का कार्यकाल तीन वर्ष या उससे अधिक होने से शासनादेश के मुताबिक सभी को मूल विद्यालय भेजा गया है। अब नए सिरे से एआरपी के पद पर चयन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
– संतोष कुमार उपाध्याय, बीएसए, मऊ