लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों की मनमानी पर अब लगाम लगेगी। इन कॉलेजों को सभी आवश्यक जानकारी व सूचनाएं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। सूचनाओं के सत्यापन के बाद इसमें बदलाव संभव नहीं होगा।

दरअसल, एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधन पर अक्सर प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को ज्वॉइन न कराने, विद्यालय की संपत्तियों में हेरफेर और विद्यालय से होने वाली आय के दुरुपयोग के आरोप लगते रहते हैं। इसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी डीआईओएस व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को
निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र संख्या, विभिन्न कोष में उपलब्ध बजट, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, तबादला आदि का ब्योरा ऑनलाइन किया जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा है कि इसके लिए पोर्टल एक अप्रैल से खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल तक विद्यालय स्तर पर सूचनाएं अपडेट की जा सकेंगी। 21 तक डीआईओएस सूचनाओं का सत्यापन करेंगे। 27 तक मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक सूचनाओं का सत्यापन करेंगे। 30 अप्रैल तक अपर शिक्षा निदेशक सूचनाओं का परीक्षण कर अनुमोदन करेंगे।