नया सत्र : कॅरिअर गाइडेंस के लिए पंख पोर्टल पर होगा पंजीकरण
अमरोहा। एक अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो गई है। जिसके बाद सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। माध्यमिक स्कूलों में अब हर माह टेस्ट का आयोजन कर उनकी शैक्षिक दक्षता को भी परखा जाएगा। साथ ही शिक्षकों को हर माह निर्धारित पाठ्यक्रम को भी पूरा कराना होगा।
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शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए नए शिक्षा सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से हो गई। परीक्षा के बाद कुछ दिन की छुट्टियों के बाद धीरे-धीरे स्कूलों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगी है। स्कूलों में नए प्रवेश की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग की और से पूरे साल होने वाली पढ़ाई एवं कार्यक्रमों को एक सूत्र में पिरोते हुए शैक्षिक कैलेंडर भी जारी कर दिया है।
शिक्षा निदेशक की और से जारी कैलेंडर के अनुसार शिक्षकों को हर माह निर्धारित पाठ्यक्रमों को पूरा कराना होगा। साथ ही हर बच्चों की शैक्षिक दक्षता परखने को मासिक टेस्ट का आयोजन भी होगा। जनवरी के पहले सप्ताह तक सभी पाठ्यक्रमों को पूरा करना होगा। जिसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्री-बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन
शुरू हो जाएगा। जनवरी के तीसरे सप्ताह में कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन

डिजिटल लिट्रेसी को मिलेगा बढ़ावा
■ माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को डिजिटल लिट्रेसी का ज्ञान भी दिया जाएगा। इसके तहत हर बच्चे की ई-मेल आईडी बनवाई जाएगी तथा इसके प्रयोग के लिए उनको प्रशिक्षित करते हुए इसके व्यवाहारिक प्रयोग को बढ़ावा भी दिया जाएगा।
स्कूलों को भी दिए जाएंगे टिप्स
छात्र-छात्राओं को कॅरिअर संवारने के लिए भी स्कूलों में टिप्स दिए जाएंगे। सभी का पंख पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। साथ ही हर 15 दिन में एक बार प्रशासनिक, पुलिस, बैंक अधिकारी और डॉक्टर आदि को बुलाकर उनका संबोधन भी कराना होगा।
सभी शिक्षकों को मिलेगी शिक्षक डायरी
स्कूलों में हर शिक्षक को शिक्षक डायरी उपलब्ध करानी होगी। जिसमें शिक्षकों को अपनी शिक्षण योजना का उल्लेख करना होगा। प्रधानाचार्यों को भी शिक्षक डायरी का समय-समय पर अवलोकन करना होगा।
शक्ति मंच का गठन भी होगा।
प्रत्येक स्कूल में मिशन शक्ति अभियान के तहत शक्ति मंच का गठन भी किया जाएगा। नियमित बैठक करानी होगी। बैठक में महिला व बाल अधिकार, बालिकाओं की शिक्षा का महत्व, आत्मरक्षा के उपाय आदि पर चर्चा की जाएगी।
शैक्षिक कैलेंडर को लेकर सभी कॉलेजों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कैलेंडर के अनुसार की शिक्षण कार्य विभाजित करते हुए प्राथमिकता के साथ समय से पाठ्यक्रम को पूरा किया जाएगा। साथ ही अन्य
गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। वीपी सिंह, डीआईओएस