लखनऊ,। शहर के नामचीन स्कूल नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) में चयनित बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। आधे से ज्यादा चयनित बच्चों के अभिभावक स्कूल आंवटन का पत्र लेकर स्कूलों और बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अभिभावक आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं लेकिन कोई सुनवायी नहीं हो रही है। बीएसए ने दाखिला न देने वाले 10 स्कूलों को नोटिस जारी की थी, इसके बावजूद इन पर स्कूलों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

शासन ने आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले के लिये इस बार दिसम्बर में ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू की थी। ताकि अप्रैल में शैक्षिक सत्र शुरू होने के पहले चयनित सारे बच्चों का दाखिला 31 मार्च तक दिलाया जा सके। चार चरण में आवेदन लेने से लेकर लॉटरी और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद इस बार बीते वर्ष से भी कम दाखिले हुए हैं।
राजधानी में आरटीई के तहत दाखिले के लिये चार चरण की लॉटरी में 18093 बच्चे पात्र पाए गए हैं। पहले चरण में 6465, दूसरे में 5882, तीसरे में 4091 व आखरी चौथे चरण में 1955 बच्चों को स्कूलों आवंटित किये जा चुके हैं। दाखिले करीब 8500 बच्चों के हुए हैं। बीते वर्ष से भी कम दाखिले हुए हैं। अन्य बच्चों के अभिभावक दाखिले को संघर्ष कर रहे हैं। लखनऊ के कई नामी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं। अभिभावक स्कूलों और बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
बीएसए को निर्देशित किया है कि चयनित बच्चों को दाखिला न देने का कारण बताएं। दाखिले का ब्योरा सार्वजनिक होगा। दाखिला न देने वाले स्कूलों को नोटिस दें। डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डिप्टी डायरेक्टर,समग्र शिक्षा