लखनऊ। गुरुजी अब जेलों में बंद अशिक्षित कैदियों को भी पढ़ाएंगे। कारागारों में बंद ऐसे कैदी जो पढ़ने के इच्छुक हैं, उन्हें परिषदीय प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक जेलों में जाकर पढ़ाएंगे। कारागार विभाग ने इसके लिए जेल में निरुद्ध बंदियों को शिक्षित करने के लिए शिक्षा विभाग से मदद मांगी है। शिक्षा विभाग कैदियों को शिक्षित करने का फॉर्मूला तैयार करने में जुट गया है।

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बताया जाता है कि कारागार विभाग का मानना है कि प्रदेश भर के जेलों में तमाम ऐसे कैदी हैं जो अशिक्षित हैं या बहुत कम पढ़े लिखे हैं। विभाग ने तय किया है कि ऐसे कैदियों की यदि आगे पढ़ने की मंशा है तो कारागार विभाग इसमें उनको सहयोग करेगा।
कारागार विभाग द्वारा सभी जिलों की जेलों में ऐसे कैदियों का सर्वेक्षण भी कराएगा जिसमें अलग-अलग जेलों में बहुत सारे कैदियों ने पढ़ने की इच्छा जताई है।
जानकार बताते हैं कि कारागार विभाग इंटर पास पढ़े-लिखे कैदियों के लिए जिलों में ही छोटे-छोटे सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कराने पर भी विचार कर रहा है। विभाग का मानना है कि पढ़े-लिखे कैदी जब छोटे-छोटे रोजगार परक कोर्स करने के बाद जिस दिन जेल से बाहर निकलेंगे तो ये कोर्स उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोगी बनेंगे।
सूत्र बताते हैं कि कारागार विभाग के अनुरोध पर बंदियों को शिक्षित करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने अब तक जो मसौदा तैयार किया है, उसके अनुसार महिला कैदियों को शिक्षिकाओं के माध्यम से शिक्षित करने तथा पुरुष कैदियों को शिक्षकों द्वारा शिक्षित कराने के साथ-साथ उन्हें पास के किसी प्राइमरी अथवा माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध किए जाने, अर्द्धवार्षिक वार्षिक परीक्षाओं के तरीके तथा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र जारी किए जाने के प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 9वीं तक पढ़े बंदियों को 10वीं एवं 11वीं तक पढ़े बंदियों को 12वीं की बोर्ड परीक्षा दिलाए जाने के तरीकों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जेलों में जाकर बंदियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को कुछ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिए जाने तथा इसके लिए उनकी सहमति लिए जाने जैसे बिन्दुओं को भी शामिल किया गया है।