गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की परीक्षा में शिक्षकों की स्थिति चिंताजनक रही। इस परीक्षा में कुल 168 शिक्षकों ने आवेदन किया था, लेकिन 52 शिक्षकों ने परीक्षा में शामिल होने से पहले ही विभिन्न बहानों से मैदान छोड़ दिया। 116 शिक्षकों ने परीक्षा दी, जिनमें से मात्र 57 शिक्षक उत्तीर्ण हो पाए, जबकि 59 शिक्षक असफल रहे। परीक्षा परिणाम महज 34.96 फीसदी रहा। परीक्षा से पूर्व ही कई शिक्षक मेडिकल लीव या अन्य बहाने बनाकर परीक्षा में शामिल नहीं हुए। हैरानी की बात यह है कि इनमें राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक भी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, एक राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ने परीक्षा के लिए तो किया था, लेकिन परीक्षा के दिन ही मेडिकल लीव लेकर परीक्षा छोड़ दी। इस परीक्षा में शिक्षकों का विषयवार प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। गणित में सर्वाधिक 22 शिक्षक उत्तीर्ण हुए, जबकि अंग्रेजी और विज्ञान विषय में केवल 6-6 शिक्षक ही पास हो सके। हिंदी और सामाजिक विज्ञान में 12-12 शिक्षक उत्तीर्ण हुए। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एआरपी पद पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है, जो विभिन्न विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। लेकिन इस परीक्षा के नतीजे ने शिक्षकों की योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह परीक्षा हर तीन वर्ष में आयोजित की जाती है। जिले के हर ब्लॉक में पांच और कुल 20 ब्लॉकों में तैनात होने वाले 100 एआरपी पदों के लिए यह परीक्षा हुई थी। प्रश्नपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षकों द्वारा तैयार किया गया था और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी उन्हीं शिक्षकों ने किया।
नियुक्ति प्रक्रिया अभी शेष
जिला समन्वयक प्रशिक्षण नितिन पांडेय ने बताया कि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों की मंगलवार को माइक्रो टीचिंग कराई गई, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने उनकी दक्षता का आकलन किया। इसके बाद साक्षात्कार होगा और फिर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
शिक्षकों का शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण
शिक्षकों का शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए। उन्हें छात्रों के हित में अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। आगे फिर परीक्षा होगी, जिसमें शिक्षकों को बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए।
-रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए, गोरखपुर