लखनऊ :
सहकारी बैंकों में जल्द ही 10 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इनकी जिम्मेदारी बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आइबीपीएस) को सौंपी जाएगी। सहकारिता विभाग के राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में यह घोषणा की।
उन्होंने बताया कि उप्र कोआपरेटिव बैंक (यूपीसीबी) के व्यवसाय में 105 प्रतिशत और जिला सहकारी बैंकों के व्यवसाय में 42.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लाभ की स्थिति में आने के बाद अब बैंकिंग सिस्टम को तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा रहा है। श्रम शक्ति को भी बढ़ाया जाएगा।

राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने की घोषणा, कहा-आइबीपीएस को देंगे भर्तियों की जिम्मेदारी, आठ साल की उपलब्धियां गिनाईं
उन्होंने प्रदेश अकेले इटावा की जिला सहकारी बैंक के घाटे में होने को लेकर सैफई परिवार पर तंज भी किया। उप्न कोआपरेटिव बैंक परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में राठौर ने आठ वर्ष में सहकारी बैंकों की उपलब्धियां गिनाईं। कहा, सहकारी बैंकों के मुनाफे में लौटने के कारण जल्द ही पांच हजार से 10 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। छह माह में शुरुआत होने की संभावना है।
एआरपी चयन का साक्षात्कार लेंगे प्रवक्ता
प्रतापगढ़। एआरपी चयन परीक्षा में अनियमितता की जांच सीडीओ ने की। डायट प्राचार्य और प्रवक्ताओं में चल रहे विरोध को सीडीओ ने शांत कराया। परीक्षा में शामिल न किए जाने के प्रवक्ताओं के सवाल पर सीडीओ ने साक्षात्कार में प्रवक्ताओं को मौका दिए जाने की बात कही। S
प्रवक्ताओं का आरोप था कि परीक्षा में अयोग्य लोगों से पेपर तैयार कराकर मूल्यांकन कराया गया। साक्षात्कार में बाहरी लोगों को शामिल किया गया। जबकि शासन के आदेश में डायट प्रवक्ताओं को स्थान मिलना चाहिए।
डायट प्राचार्य पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रवक्ताओं ने डीएम से शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेकर डीएम शिव सहाय अवस्थी ने परीक्षा चयन समिति की अध्यक्ष सीडीओ को जांच का आदेश दिया था। एक दिन पूर्व सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने डायट प्रवक्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्या को सुना। बृहस्पतिवार के डायट प्राचार्य और प्रवक्ताओं को आमने सामने कर सीडीओ ने दोनों पक्षों की बात सुनी।