यूपी बोर्ड ने अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में शामिल किए कई नए फीचर
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को इस बार ऐसा अंकपत्र सह प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसकी फोटोकॉपी कराने पर मूल प्रति के नीचे पट्टी पर बनी डिजाइन गायब हो जाएगी और प्रतिलिपि पर डिजाइन की जगह ‘कॉपी’ अंकित होकर आ जाएगा।
इसके साथ ही अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में आधुनिक तकनीक के माध्यम से कई नए फीचर शामिल गए हैं, जिसकी मदद से आम व्यक्ति भी यह आसानी से पता लगा सकेगा कि मार्कशीट असली है या नहीं।
यूपी बोर्ड ने ए-फोर आकार के नए फीचर वाले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र तैयार कराए हैं। इससे पहले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र ए-फोर आकार से छोटा होता था। ऐसे में मार्कशीट पर अंकित अक्षर भी अब
धूप पड़ते ही दिखने लगेगा लोगो, लेमिनेशन की नहीं पड़ेगी जरूरत
आसानी से पढ़े जा सकेंगे।
मार्कशीट की फोटोकॉपी कलर हो या ब्लैक एंड व्हाइट, मूलप्रति के नीचे पट्टी पर बनी डिजाइन फोटोकॉपी में नहीं दिखती है और उसके स्थान पर पूरी पट्टी पर जगह-जगह ‘कॉपी’ शब्द लिखे हुए नजर आते हैं।

ऐसे में अगर कोई रंगीन फोटोकॉपी कराके उसे मूलप्रति के रूप में प्रस्तुत करके गड़बड़ी करने का प्रयास भी करता है तो इसे आसानी से पकड़ा जा सकेगा। मार्कशीट का सबसे महत्वपूर्ण फीचर उसमें छिपा हुआ लोगो है, जो सामान्य हालात में नहीं दिखता है।
धूप के संपर्क में आते ही लोगो मार्कशीट पर उभर कर सामने आ
माध्यमिक शिक्षा परिषत
जाता है और रोशनी से हटाने के कुछ मिनट बाद लोगो फिर से अदृश्य हो जाता है। मार्कशीट में जिस पेपर शीट का इस्तेमाल किया गया है तो वह न तो कटेगी और न ही फाड़ी जा सकेगी।
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया, मार्कशीट पर विशेष प्रकार की स्याही का इस्तेमाल किया गया है। मार्कशीट पर पर चाय-काफी या कोई भी तरल पदार्थ गिरने से भी खराब नहीं होगी न ही उस पर अंकित अक्षर मिटेंगे। कपड़े से पोछते ही मार्कशीट साफ हो जाएगी।
ऐसे में मार्कशीट पर लेमिनेशन कराने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। बोर्ड की परीक्षा के लिए 54,37,233 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। ऐसे में बोर्ड ने लाखों नए फीचर वाले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र तैयार कराए हैं।