जासं, एटा : सीडीओ डा. नागेंद्र नारायण मिश्र को शासन ने निलंबित कर दिया है। उनपर आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में प्रति अभ्यर्थी 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। इसका वीडियो प्रसारित होने के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीडीओ के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। निलंबन के बाद उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वे मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले हैं।
जिले में इनदिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया में 18 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और चार सौ से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति अंतिम चरण में है। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पत्रावलियों पर सीडीओ के हस्ताक्षर कराए जा रहे थे। उसी दौरान किसी व्यक्ति ने सीडीओ और जिला कोआर्डिनेटर संजीव पचौरी के बीच हो रही बातचीत का वीडियो बना लिया। वीडियो में भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में व्यवस्था करने की बात की जा रही है। बातचीत के दौरान जिला कोआर्डिनेटर यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि आखिरकार प्रति अभ्यर्थी दस हजार रुपये की व्यवस्था कैसे की जा सकती है। इस पर सीडीओ कहते हैं क्या अभी तक किसी से रुपये नहीं लिए जा रहे। इसके बाद वीडियो अचानक समाप्त हो जाता है। सीडीओ डा. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि किसी ने मेरा वीडियो काट-छांटकर प्रसारित किया है।