लखनऊ, । विकास प्राधिकरणों में पेंशन राशि कटौती में होने वाली मनमानी पर शासन से गंभीर रुख अपनाया है। आवास विकास ने प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि न्यू पेंशन स्कीम में आने वाले कर्मियों की पेंशन राशि को तय समय में जमा किया जाए। इसमें किसी तरह का खेल नहीं किया जाना चाहिए। शासन में इस तरह की कई शिकायतें मिल चुकी हैं।

- वित्तीय वर्ष 2026-27 में बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नियुक्त शिक्षा मित्रों के मानदेय भुगतान के लिए धन आवंटित किया गया
- इस राज्य में में भी जनगणना कार्य में मार्क ऑन ड्यूटी, देखें आदेश
- 18 महीने का कोरोना काल का बकाया एरियर जल्द देंगे-वित्त मंत्री
- इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने समायोजन 3 को त्रुटिपूर्ण मानते हुए फिर से समायोजन करने का ऑर्डर दिया। 30 अप्रैल 2026 की छात्र संख्या पर होगा समायोजन, देखें
- UPSSSC फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 का विज्ञापन जारी
प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के कार्यों को लेकर अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश की अध्यक्षता में हुई समीक्षा के दौरान पता चला है कि न्यू पेंशन स्कीम के तहत पैसा जमा करने में मनमानी की जा रही है। पेंशन अंशदान का 50 प्रतिशत जनवरी और 50 प्रतिशत जुलाई में जमा किया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक में गाजियाबाद, मुरादाबाद, बांदा, अलीगढ़, रायबरेली, उन्नाव-शुक्लागंज, रामपुर, वाराणसी में मनमानीकी शिकायत मिली थी।
अपर मुख्य सचिव आवास इसके आधार पर सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि कर्मियों की पेंशन राशि तय समय में जमा की जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सभी देयों का भुगतान सेवानिवृत्ति के साथ देने की व्यवस्था की जाए। पुरानी पेंशन के दायरे में आने वालों की पेंशन जल्द निर्धारित की जाए, जिससे उसे किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।