लखनऊ : स्कूलों में आयोजित होने वाली निपुण मूल्यांकन परीक्षा में सख्ती की जाएगी। कक्षा एक से कक्षा आठ तक के विद्यार्थी जिस ओएमआर शीट पर परीक्षा देंगे उसे अब दो महीने तक सुरक्षित रखना होगा। विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान इसकी जांच की जाएगी। शिक्षाधिकारी ओएमआर शीट के अनुसार छात्रों से सवाल-जवाब कर सकते हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

- शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु यू-डायस पोर्टल पर स्टूडेण्ट डाटा प्रोग्रेशन / फीडिंग किये जाने के सम्बन्ध में।
- छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्कूल बैग उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय स्वीकृति।
- राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों, जैसे गणतंत्र दिवस समारोह और स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में विभिन्न प्रतियोगिताओं/गतिविधियों के आयोजन के संबंध में।
- परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की डिजिटल उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किये जाने के संबंध में।
- गंगा एक्सप्रेसवे कार्यक्रम के लिए लगाई गई शिक्षकों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से निरस्त
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों को भाषा व गणित में दक्ष बनाने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है। स्कूलों में 18 नवंबर से 23 नवंबर तक परीक्षाएं कराए जाने के लिए समय सारिणी घोषित की जा चुकी है। बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर गोले भरकर विद्यार्थी देंगे। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को परख एप पर अपलोड किया जाएगा। वहीं प्रत्येक छात्र की ओएमआर शीट को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा में नकल न हो इसके लिए सभी जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी उड़ाका दस्ता गठित करेंगे। सभी जिलों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पूर्व प्रधानाध्यापक प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे खोलेंगे और विद्यार्थियों को वितरित करेंगे। केंद्र सरकार ने वर्ष
2026-27 तक विद्यार्थियों को गणित व भाषा में दक्ष बनाकर विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सभी ब्लाक में जिन पांच-पांच शिक्षकों को एकेडमिक रिसोर्स पर्सन बनाया गया है, उनमें प्रत्येक को 10-10 स्कूलों को निपुण बनाने का लक्ष्य दिया गया है।