प्रयागराज। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक महाकुंभ के बाद ही
शिक्षक भर्ती शुरू हो सकेगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अब तक न तो लंबित भर्ती परीक्षाओं पर कोई निर्णय लिया है और न ही आयोग को किसी नई भर्ती के लिए रिक्त पदों का भर्ती प्रस्ताव मिला है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए कम से कम छह माह तक इंतजार करना पड़ सकता है।

- Old order : प्र०अ० को सरप्लस घोषित कर समायोजित करने पर मा० न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई तक लगाई गई रोक, कोर्ट ऑर्डर देखें
- बेसिक में कहीं जूनियर शिक्षक का तबादला तो कहीं सीनियर का….. बड़े अफसर मौन
- सरप्लस सूची में नाम आने पर शिक्षक ने BSA को भेजा आपत्ति पत्र, जबरन समायोजन पर दें BSA को यह
- हेड/वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाने पर BSA को दें यह आपत्ति पत्र, समायोजन प्रक्रिया पर दें यह एप्लीकेशन
- LT ग्रेड मुख्य परीक्षा 2025: अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 मई को प्रयागराज में होगी आयोजित, आयोग ने जारी किए निर्देश
आयोग के पास दो प्रमुख भर्तियां लंबित हैं। इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) / प्रवक्ता (पीजीटी) के 4163 पदों पर भर्ती शामिल है। इन दोनों भर्तियों के विज्ञापन ढाई साल पहले जारी किए गए थे। दो साल पहले आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
टीजीटी-पीजीटी के लिए 13.19 लाख और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए 1.14 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इन अभ्यर्थियों को भर्ती शुरू होने का इंतजार है।