शिक्षक का शव चौराहे पर रख किया चक्काजाम
यमुनापार में परिषदीय स्कूल में तैनात शिक्षक सुनील कुमार गौड़ के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ। परिजनों ने कौवा चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि शिक्षक की हत्या कर शव को नहर में फेंका गया है। लगभग ढाई घंटे बाद पुलिस ने परिजनों को एफआईआर की कॉपी दी तो जाम खत्म हुआ। इस मामले में भाई सुशील की तहरीर पर अमर बहादुर उर्फ बाबा आदिवासी, अरुण कुमार व अन्य अज्ञात के खिलाफ कस दर्ज किया गया है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई है।

- Old order : प्र०अ० को सरप्लस घोषित कर समायोजित करने पर मा० न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई तक लगाई गई रोक, कोर्ट ऑर्डर देखें
- बेसिक में कहीं जूनियर शिक्षक का तबादला तो कहीं सीनियर का….. बड़े अफसर मौन
- सरप्लस सूची में नाम आने पर शिक्षक ने BSA को भेजा आपत्ति पत्र, जबरन समायोजन पर दें BSA को यह
- हेड/वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाने पर BSA को दें यह आपत्ति पत्र, समायोजन प्रक्रिया पर दें यह एप्लीकेशन
- LT ग्रेड मुख्य परीक्षा 2025: अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 मई को प्रयागराज में होगी आयोजित, आयोग ने जारी किए निर्देश
कौवा गांव निवासी सुनील कुमार गौड़ कौंधियारा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सेमरी गांव में सहायक अध्यापक थे। सात नवंबर की दोपहर करीब तीन बजे परिवार से कोरांव के नेवादा गांव जाने की बात कहकर निकले थे। जहां वह भाई की ससुराल पथरा पहुंचे। वहां से सुनील नेवादा गांव के अमर बहादुर पुत्र बाबा आदिवासी के घर लेनदेन को लेकर पहुंचे थे। इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। दूसरे दिन मेजा बसहरा नहर में सुनील का शव मिलने पर परिजनों ने हत्या कर शव नहर में फेंके जाने का आरोप लगाया था। मेजा एसीपी रवि गुप्ता के निर्देश पर गायब शिक्षक की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस शुरू से मामले में लापरवाही बरत रही थी। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों व रिश्तेदारों ने शव ले आकर कौवा बाजार में करछना कोहड़ार मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
एसीपी करछना वरुण कुमार, एसीपी मेजा रवि कुमार गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक करछना कृष्ण मोहन सिंह और कोरांव थाना प्रभारी नितेंद्र कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घंटों समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग जाम खत्म करने को तैयार नहीं थे। ढाई घंटे बाद हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर परिजन माने।