लखनऊ में प्रदर्शन, कैंडल मार्च निकाला
निर्णय असंवैधानिक गोमती नगर क्षेत्र की रहने वाली प्रतियोगी छात्रा सौम्या ने बताया कि पीसीएस और आरओ/एआरओ का विज्ञापन जारी होने के बाद आयोग का नियम बदलने का निर्णय संविधान के खिलाफ है।

- किस्त कटने से पहले बताना होगा: आरबीआई ने कहा, बैंक या वित्तीय संस्थान का 24 घंटे पहले ग्राहक को सूचित करना जरूरी
- माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा जनपदों के भ्रमण, स्थलीय निरीक्षण एवं विकास के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
- धोखाधड़ी के प्रमाण के बिना दशकों पुरानी नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती : हाईकोर्ट
- क्या संविधान उस श्रद्धालु की रक्षा नहीं करेगा जिसे मूर्ति छूने की अनुमति नहीं : सुप्रीम कोर्ट
- मिशन कर्मयोगी ‘साधना सप्ताह’ में प्रदेश को देश में दूसरा स्थान
मानकीकरण नहीं मानेंगे
सीतापुर जिले के मिश्रिख तहसील के रहने वाले प्रतियोगी छात्र नेम सिंह यादव का कहना है कि वह सिविल सेवा की तैयारी में जुटे हैं। हमारा विरोध मानकीकरण को लेकर है।
लखनऊ। पीसीएस और आरओ/एआरओ की प्रारंभिक परीक्षाएं एक से अधिक दिन और पालियों में कराने के फैसले के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। सैकड़ों छात्रों ने हाथों में मोमबत्ती लेकर अलीगंज स्थित उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीपीएससी) दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने यूपीपीएससी दफ्तर में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
लखनऊ में भी प्रतियोगी छात्रों ने मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) के विरोध में प्रदर्शन किया। अलीगंज के सेक्टर एच स्थित विजन लाइब्रेरी के पास से हाथों में मोमबत्ती लेकर निकले छात्रों ने पुरनिया चौराहे होते हुए उपाम भवन के निकट अपना गुस्सा जाहिर किया। पुलिस की मौजूदगी में वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला पीजी कॉलेज से होते हुए वापस विजन लाइब्रेरी पहुंचे। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने मानकीकरण को मानने से इनकार किया और ‘एक दिन, एक पाली’ परीक्षा की मांग उठाई।