लखनऊ विद्यार्थियों के ज्ञान का आंकलन करने के लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण चार दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के 9715 सरकारी व निजी विद्यालयों के कक्षा तीन, छह और नौ के कुल 2.90 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। फिलहाल सर्वेक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय
केंद्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निर्देश पर देश भर में इसका आयोजन किया जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की देखरेख में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। एससीईआरटी निदेशक डा. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षा में 10 हजार कक्ष निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। सभी जिलों में परीक्षा की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। पांच ऐसे जिले जहां पर अभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नहीं हैं, वहां दूसरे जिलों के सहयोग से परीक्षा होगी। गाजियाबाद, शामली, अमेठी, संभल और कासगंज में डायट नहीं है। ऐसे में यहां पर हापुड़, मुजफ्फरनगर, सुलतानपुर, मुरादाबाद व एटा के डायट प्राचार्य परीक्षा कराएंगे।
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- शिक्षामित्रों की नियमितीकरण की मांग पर कोर्ट का आदेश
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कक्षा तीन और छह के विद्यार्थी भाषा, गणित और हमारे आसपास की दुनिया पर आधारित प्रश्नों का उत्तर देंगे। वहीं कक्षा नौ के विद्यार्थी भाषा, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान विषय से जुड़े सवालों का जवाब देंगे। सर्वेक्षण के माध्यम से छात्रों की वास्तविक शैक्षिक क्षमता का मूल्यांकन हो सकेगा। वहीं शिक्षा में सुधार के लिए ठोस कदम भी उठाया जाएगा।

सुविधाएं बढ़ाने के लिए राजकीय विद्यालयों को 53.92 करोड़ और जारी प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके लिए 39 जिलों के 225 विद्यालयों को द्वितीय किस्त के रूप में 53.92 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। यह धनराशि अपर शिक्षा निदेशक राजकीय अजय कुमार द्विवेदी ने विद्यालयों की ओर से मिले प्रस्ताव के क्रम में भेजी है। इससे विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, खेल सुविधाएं बढ़ाने, साफ-सफाई आदि के कार्य कराए जा सकेंगे।
वर्ष 2022-23 के प्रोजेक्ट अलंकार योजना से 34 जिलों के 160 विद्यालयों के लिए दूसरी किस्त के रूप में 35.62
करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2023-24 के पांच जनपदों के 65 स्कूलों को द्वितीय किस्त का 18.30 करोड़ रुपये भेजा गया है। जिन जनपदों की ओर से द्वितीय किस्त के लिए अभी प्रस्ताव नहीं भेजा गया है, उन्हें जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बजट प्रेषित कर विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं को ठीक करके बढ़ाया जा सके।
इसकी मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन, शिक्षा निदेशक एवं अपर निदेशक स्तर से लगातार मानिटरिंग कराई जा रही है। इस संबंध में आनलाइन बैठकें भी चुकी हैं। इसके पहले प्रथम चरण में 62 जिलों के विद्यालयों के प्रस्ताव के आधार पर पहली किस्त के रूप में 115 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। अपर निदेशक ने बताया कि व्यवस्थाएं सुदृढ़ किए जाने के साथ पठन-पाठन पर भी जोर दिया जाएगा