प्रयागराज, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के केंद्र निर्धारण में एक बार फिर वही खेल हो रहा है, जो पिछले साल हुआ था। बोर्ड मुख्यालय ने ऑनलाइन माध्यम से 7657 परीक्षा केंद्र तय कर सभी जिलों के डीआईओएस को भेजा था, जहां आपत्ति निस्तारण की आड़ में 485 परीक्षा केंद्र और बढ़ा दिए गए
- 2027 की जनगणना से संबंधित प्रश्न इस परिसर में कितने जनगणना मकान होंगे?
- जनगणना 2027 HLO ऐप HLO App जनगणना उपयोग हेतु दिशा-निर्देश
- जनगणना 2027 : HLO App उपयोग प्रक्रिया समझें !
- जनगणना 2027 : प्रगणक एवं पर्यवेक्षक को, किट में क्या मिलेगा ?
- जनगणना 2027 परिवार क्या होता है?

सोमवार की रात जारी केंद्रों की सूची में 8142 स्कूलों का नाम शामिल है। यही नहीं जिला विद्यालय निरीक्षकों ने मनमाने तरीके से राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों को सूची से हटाकर निजी यानी वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया।
वित्त विहीन विद्यालयों से इतना मोह क्यों?
बोर्ड ने 940 राजकीय विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया था लेकिन जिलों से दोबारा मिली सूची में इनकी संख्या घटकर 576 रह गई है। इसी प्रकार बोर्ड ने 3512 सहायता प्राप्त विद्यालयों को केंद्र बनाया था, लेकिन जिलों से मिली सूची में इनकी संख्या कम होकर 3447 रह गई। इसके उलट वित्त विहीन स्कूलों की संख्या बढ़ गई है। बोर्ड ने 3205 वित्तविहीन स्कूलों को ही केंद्र बनाया था, लेकिन जिलों से इनकी संख्या बढ़कर 4119 हो गई। पिछले साल भी जिलों में यही खेल हुआ था। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इसकी जांच के निर्देश दिए थे, पूछा था कि वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र आखिर क्यों बनाया गया।