लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के
स्कूलों में पांच से छह साल से लापता शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बार-बार नोटिस के बावजूद भी शिक्षकों ने जवाब नहीं दिया है।
अमर उजाला ने आठ दिसंबर के अंक में ‘हद हो गई : कई साल से स्कूल ही नहीं आ रहे शिक्षक शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि परिषदीय विद्यालयों के छह से अधिक शिक्षक कई साल से बिना किसी सूचना के स्कूल नहीं आ रहे हैं लेकिन विभाग ने अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। खबर छपने के बाद विभाग ने अब सक्रियता दिखाई है।

- UP Board Result 2026 Date : यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट कल होगा घोषित, जानिए कितने बजे रिजल्ट होगा जारी , देखें आदेश
- ब्रेकिंग न्यूज़ : NPS पेंशनर्स को मिलेगा Fixed Medical Allowance (FMA), सरकार का नया आदेश जारी
- शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 30 से 35 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग, प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को भेजा पांच सूत्रीय मांगपत्र
- जनगणना में आपकी ड्यूटी कहाँ लगी है। यह जानने के लिए सबसे पहले आप अपने मोबाइल में करें यह काम….
- फर्जी शिक्षक की नौकरी पाने वाला बर्खास्त, यूपीटीईटी का अंकपत्र निकला फर्जी
इस संबंध में नियमावली की पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित लिपिकों को निर्देश जारी हो चुके हैं।
कई साल से स्कूल नहीं आ रहे शिक्षकों को अब तक कई बार नोटिस जारी किया गया है, लेकिन इसका जवाब उनकी ओर से नहीं आया है। ऐसे सभी शिक्षकों को चिह्नित कर अब उनको बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी। – राम प्रवेश, बीएसए
पड़ोसियों ने बताया, विदेश चली गईं मैडम
■ विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तीन लापता शिक्षिकाओं के मामले में जब उन्हें नोटिस भेजा गया तो उनके पड़ोसियों ने बताया कि वे अब मूल पते पर नहीं रहतीं हैं। बताया, वे अब विदेश में हैं। नियम यह है कि किसी भी शिक्षक को विदेश जाने से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से एनओसी लेना अनिवार्य होता है। लेकिन लापता शिक्षकों में से किसी ने भी एनओसी नहीं ली।