मुरादाबाद। शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार निर्देश जारी करने के बाद भी स्कूलों द्वारा अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं ली जा रही है। स्थिति यह है कि निजी स्कूलों द्वारा सिर्फ 30 फीसदी बच्चों की ही आईडी बनाई गई है। बीएसए ने निर्देशों की अवहेलना करने वाले जिले के 1300 से अधिक स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं।
केंद्र सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की है। शैक्षिक सत्र 2024-25 में जिले में 3288 परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक के वित्त विहीन, राजकीय, मदरसा और निजी स्कूलों में प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर 6,32,922 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस शैक्षिक सत्र में केंद्र सरकार ने वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत प्रत्येक छात्र की आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाना आवश्यक कर दिया है। इसमें 12 अंक का एक नंबर दिया जा रहा है।
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इस नंबर से छात्र की पूरी जानकारी एक क्लिक करते हुए सामने आ जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षिक दस्तावेजों में पारदर्शिता लाना और दस्तावेज के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित कराना है। इसके लिए संबंधित छात्रों के माता-पिता एवं अभिभावकों से सहमति पत्र लेने के बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह तक यह कार्य पूर्ण करना था, लेकिन अधिकांश शिक्षण संस्थानों की ओर से इस महत्वपूर्ण आईडी को तैयार करने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से प्रदेश की ओर से 25 फरवरी को जारी की गई सूची में जिले में 70 फीसदी कार्य लंबित दिखाया गया है।