ग्रेटर नोएडा: जिला बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत शिक्षक की देसी शराब बेचने की मंशा पर पानी फिर गया। आबकारी विभाग ने उनके नाम की दुकान का आवंटन निरस्त कर दिया है। बाकी देसी, विदेशी शराब और बियर की 499 दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण से संबंधित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

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जिले में 500 शराब दुकानों और एक भांग की दुकान के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रथम चरण की प्रक्रिया छह वर्ष बाद 14 फरवरी से शुरू हुई थी। कलक्ट्रेट में सात मार्च को ई लाटरी से दुकानों का आवंटन किया गया था। लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम समय सीमा 15 मार्च थी। विभाग ने शनिवार शाम तक 499 शराब दुकानों व एक भांग दुकान की लाइसेंस फीस जमा कराकर प्रक्रिया पूरी कर ली। जबकि चिटहेरा की देसी शराब दुकान का ई लाटरी से किया आवंटन निरस्त कर दिया है। इसका कारण आवेदक का शिक्षक होना है, जो जिला बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत हैं। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि नई शराब नीति के अनुसार शिक्षक के नाम से शराब दुकान का लाइसेंस नहीं जारी किया जा सकता है। इसलिए शिक्षक की दुकान का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। दूसरे चरण में इस दुकान के आवंटन के लिए 17 से 27 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे। 27 को ही आवेदनों की जांच समेत अन्य प्रक्रिया पूरी कर ई लाटरी निकाली जाएगी।
आबकारी के खजाने में 279 करोड़ जमा : शराब व भांग दुकान के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में विभाग के खाते में अब तक 279 करोड़ जमा हो चुके हैं।
499 दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी
जिले में शराब दुकानों की स्थिति
देसी शराब दुकानें
कंपोजिट दुकानें
माडल शाप
भांग दुकान 1
234
239
27