लखनऊ। वोटर आईडी को आधार से लिंक करने के केंद्र के निर्देश पर बुधवार को केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनैतिक दलों के साथ बैठक की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 एवं अन्य सुसंगत निर्देशों के बारे में विस्तार से सभी राजनैतिक दलों को अवगत कराया।
राजनैतिक दलों को बताया गया कि संक्षिप्त पुनरीक्षण के प्रकाशन एवं अंतिम प्रकाशन तथा निर्वाचनों के समय मतदाता सूची की दो प्रतियां एक हार्ड कापी में और एक साफ्टकापी में नि:शुल्क दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही फार्म-6, 7 व 8 के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी।
बैठक में मौजूद सभी राजनैतिक दलों को मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने तथा पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6, मतदाता सूची से नाम अपमार्जन किए जाने के लिए फार्म-7 तथा मतदाता सूची में विद्यमान प्रविष्टियों में संशोधन, डुप्लीकेट मतदाता फोटो पहचान पत्र के लिए आवेदन के बारे में विस्तार से बताया गया।

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साथ ही दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन और शिफ्टेड मतदाताओं के लिए निर्धारित फार्म-8 के बारे में विस्तार से बताया गया। राजनैतिक दलों से अनुरोध किया गया कि उनके द्वारा जन-सामान्य में यह जागरूकता फैलाई जाए कि किसी वर्तमान मतदाता के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण की दशा में फार्म-8 का उपयोग करें न कि फार्म-6 का। बैठक में आयोग द्वारा निर्धारित चार तिथियां एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई व एक अक्तूबर के बारे में अवगत कराया गया।