प्रयागराज, । प्रदेश के 171 राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 562 पदों पर शुरू होने जा रही भर्ती को और अधिक पारदर्शी बनाने के मकसद से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पूरी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। अब स्क्रीनिंग परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों की बजाय विस्तृत उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे और इसके अंक अंतिम परिणाम में भी जुड़ेंगे।
- डीएलएड. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा की संशोधित, कार्यक्रम हुआ जारी
- यूपी बोर्ड के छात्र भी दे सकेंगे इम्प्रूवमेंट परीक्षा, बोर्ड ने शासन को भेजा प्रस्ताव, जल्द मिल सकती है मंजूरी
- 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission): मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन बढ़ी, अब 31 मई तक का समय
- टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई: पुराने शिक्षकों को मिल सकती है राहत, 13 मई को होगा फैसला, लाखों शिक्षकों की नजरें टिकीं
- 8वें वेतन आयोग की नई दिल्ली में होने वाली बैठक सम्पन्न, सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर सबकी नजर

पूर्व में अभ्यर्थियों की छंटनी के मकसद से होने वाली स्क्रीनिंग परीक्षा में केवल बहुविकल्पीय प्रश्न होते थे और उसके बाद साक्षात्कार के आधार पर चयन होता था। पहले स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक अंतिम परिणाम में नहीं जोड़े जाते थे। अब स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 प्रतिशत अंक और साक्षात्कार के 25 फीसदी अंकों को मिलाकर मेरिट बनाई जाएगी और उसके आधार पर चयन होगा। चूंकि असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पद पर चयन हो रहा है इसलिए साक्षात्कार की तुलना में लिखित परीक्षा को अधिक महत्व देने का निर्णय लिया गया है।