लखनऊ। प्रदेश में एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाले और 50 से ज्यादा संख्या वाले स्कूलों का विलय (पेयरिंग) निरस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार लगभग दो से तीन हजार विद्यालयों का विलय निरस्त होगा। इसमें सर्वाधिक संख्या एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाले विद्यालयों की है।

प्रदेश में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से चल रही परिषदीय विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया में स्थानीय अधिकारियों की मनमानी के मामले सामने आए हैं। इसकी शिकायत व विरोध-प्रदर्शन बढ़ने पर विभाग ने एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाले और 50 से ज्यादा नामांकन वाले विद्यालयों का विलय निरस्त करने के निर्देश दिए। प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने को कहा गया है।
मनमानी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एक दिन पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानक के अनुरूप ही स्कूलों की पेयरिंग करने और इसमें अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग ने लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए सोमवार को निदेशालय स्तर पर समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी
बीएसए व अन्य अधिकारी जिलों में नियमानुसार कार्यवाही कर रहे हैं। तीन चार दिन के बाद विलय निरस्त होने वाले स्कूलों की संख्या की स्थिति स्पष्ट होगी। – कंचन वर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा