लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में शामिल आरक्षित वर्ग के
अभ्यर्थियों ने रविवार को फिर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी आधे घंटे तक केशव चाचा न्याय करो का नारा लगाते रहे। पुलिस ने अभ्यर्थियों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

अभ्यर्थियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से वे सब नाराज हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने हाईकोर्ट फैसला जानबूझकर लटकाया जिससे यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। सरकार के पास पर्याप्त समय था कि वह हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले का पालन करके सबके साथ न्याय करती।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित कर दिया गया। लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद बीते 13 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया था।