सीतापुर। बीएसए व शिक्षक के बीच मारपीट में पुलिस जांच आगे बढ़ी तो फुटेज देने में ही खेल हो रहा है। पुलिस को केवल बीएसए व शिक्षक के बीच हुई मारपीट के फुटेज मिले हैं। जबकि यह फुटेज पहले से ही सोशल मीडिया पर वायरल हैं। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का फुटेज मांगा तो बीएसए कार्यालय से इसे मना कर दिया गया। अब पुलिस डीवीआर कब्जे में लेने के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर रही है। पुलिस बुधवार को कार्यालय पहुंची और बीएसए के बयान दर्ज किए। फुटेज मांगे लेकिन केवल फुटेज चह दिए गए जिसमें शिक्षक बीएसए को बेल्ट निकालकर वार कर रहा है। कुछ लोग आकर शिक्षक को पकड़ लेते हैं। इसके बाद आगे क्या घटनाक्रम हुआ। इसके फुटेज नहीं दिए गए। पुलिस ने शिक्षक के कार्यालय के अंदर आने से लेकर पुलिस हिरासत तक के फुटेज मांगे थे। यह फुटेज बीएसए कार्यालय में लगे कैमरे में कैद हैं। लेकिन पुलिस को यह कहकर मना कर दिया गया कि आगे के फुटेज उपलब्ध नहीं हैं। इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया कि डीवीआर कब्ते में लिया जाएगा। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेगी।

सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक शिक्षक व एक अधिकारी के बीच बातचीत हो रही है। बातचीत के प्रमुख अंश।
अधिकारी आपसे जो कह रहे हैं वी आप करिए। गांव की चिंता आप मत करिए। गांव से शिकायत आएगी तो हम देखेंगे। क्या समस्या है। गांव वाले क्या कहते हैं?
शिक्षक पूछते हैं मैडम क्यों नहीं आ रहीं हैं।
अधिकारी- कह दीजिए मैडम मेडिकल पे हैं।
शिक्षक- वही तो हम बता रहे हैं। सर मेडिकल पे हैं, लेकिन बाद में क्या होगा। उनकी गाड़ी जो है प्रधान के घर के सामने से निकलती है।
अधिकारी आप लोग टाइम से आते हैं। शिक्षक जी, टाइम से ही आते हैं। अधिकारी- सेल्फी मंगाना शुरू करें। कल से सेल्फी मंगाना शुरू करें। शिक्षक-आप मंगा लीजिए, आप सर हैं।
जेल में मिलने जाएगा प्रतिनिधिमंडल :
प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक
बृहस्पतिवार को शिक्षक भवन में हुई। चोएसए कार्यालय में हुई घटना की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने कहा कि शिक्षक ने किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया, यह जांच का विषय है। कोई तो वजह रही होगी। जिला मंत्री हंसराज बर्मा ने आरोपी शिक्षक के परिजनों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रकरण गंभीर है। जिला कार्यसमिति का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश नेतृत्व के साथ शासन से शुक्रवार को मुलाकात करेगा। इसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। जेल जाकर शिक्षक से चार्ता की जाएगी।
अधिकारी- तुमको मैने बुलाया है इसीलिए। तुम कहानी समझा रहे हो। शिक्षक नहीं, समस्या बता रहा हूँ। अधिकारी पता है कि विद्यालय में कौन कितने बजे पहुंचता है।
शिक्षक- नहीं, आप सब कुछ कर सकते हैं। अधिकारी तो जब मैं बता रहा हूं तो आप मैनेज नहीं कर रहे हो।
शिक्षक- सर ऐसा न करिए। हफ्ते में एक दिन आ जाएं। एक दिन रेस्ट कर लें। ये देली बाला तो अभी बहुत लंबा टाइम है। अधिकारी शिक्षक से कहते हैं कि ठीक है जाइए। कल से सेल्फी भेजिए। अगले एक साल तक। एक मिनट की देरी हुई तो सस्पेंड करूंगा।
शिक्षक-ठीक सर थैंक्यू…।