746 विद्यालयों की 68000 बालिकाएं कार्यक्रम में हुईं शामिल
लखनऊ। मिशन शक्ति के तहत रविवार को प्रदेश भर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 68000 बालिकाओं ने नुक्कड़ नाटक से दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रेरक संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटकों से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए बताया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बेटियों ने बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीम वर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने कहा कि बालिकाएं समाज में बदलाव की प्रेरणा हैं। जब बेटियां शिक्षा, नेतृत्व और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तो केवल उनका भविष्य ही सुरक्षित रहता है, बल्कि पूरा समाज और देश भी प्रगति करता