सीतापुरः बीएसए-प्रधानाध्यापक के बीच विवाद के बीच महमूदाबाद के प्राथमिक विद्यालय नदवा में एक शिक्षिका की अनुपस्थिति चर्चा में है। विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाओं के न आने का मामले पहले भी सामने आए हैं और अनियमितता की पुष्टि होने पर कार्रवाई भी की गई हैं।
पिछले वर्ष जुलाई में ऐसे पांच शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया गया था। यह शिक्षक विद्यालयों से लगातार गैरहाजिर रहते थे और शिक्षण कार्य भी नहीं करते थे। विभाग ने कई नोटिस जारी की और सुधार न होने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षिकाओं को सेवा

से बर्खास्त किया था। इनमें महोली के कंपोजिट विद्यालय पैलाकीसा की सहायक अध्यापक इस्प्रीत कौर, पिसावां के हरनी कीरतपुर की सहायक अध्यापक पूनम, बिसवां के प्राथमिक विद्यालय बेरिहा की प्रधानाध्यापक मधू वर्मा, ऐलिया के प्राथमिक विद्यालय शेखपुरा की
गायव रहने की आतीं शिकायतें
परिषदीय विद्यालयों से अक्सर शिक्षकों के गायब रहने व समय पर न पहुंचने की शिकायतें आती रहती हैं। कुछ माह पहले लहरपुर तहसील के एक विद्यालय में लगातार गायब रहने को लेकर शिक्षक व बीईओ के बीच कहासुनी भी हो गई थी। बीईओ ने अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई भी की थी।
सहायक अध्यापक निधि तिवारी, गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय सरवा की प्रधानाध्यापक वसुधा कुमारी शामिल हैं। यह शिक्षिकाएं लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहती थीं। इन सभी शिक्षिकाओं को शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश
दिए थे। इसके बाद भी संबंधित न तो उपस्थित हुए न ही किसी के जरिए स्पष्टीकरण दिया गया।
विद्यालयों से लगातार गैरहाजिर रहने, शिक्षण कार्य में रुचि न लेने व स्वेच्छाचारी आचरण अपनाने, विभागीय नोटिस का जवाब न देने में इनको दोषी पाया गया था। विभाग ने माना कि यह शिक्षक अपनी तैनाती वाले विद्यालय में पदीय दायित्वों के निर्वहन व शिक्षण कार्य तथा विभागीय सेवा के इच्छुक नहीं हैं। बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली के तहत पांचों शिक्षिकाओं को जुलाई 2024 में उनके पद व सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने ही की थी।