जासं हरदोई : अब सुरसा के प्रावि. ललौली के सहायक अध्यापक फर्जी शैक्षिक अभिलेखों पर नौकरी करते मिले हैं। उनकी नियुक्ति तो कानपुर देहात में हुई थी और वहां से स्थानांतरित होकर आए थे। लोकायुक्त में हुई शिकायत की जांच में उनके अभिलेख फर्जी मिले। बीएसए ने उन्हें बर्खास्त कर शिक्षक के खिलाफ विधिक कार्रवाई के साथ देयकों की वसूली राजस्व विभाग से कराने के निर्देश दिए हैं।

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बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने विकास खंड सुरसा के प्रावि. ललौली में तैनात सहायक अध्यापक सूरज पाल को बर्खास्त किया है। बीएसए ने बताया कि सूरज पाल की कानपुर देहात (उस समय रमाबाई नगर) में 30 दिसंबर 2010 को प्रावि. रसूलाबाद में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। शिक्षक 30 अगस्त 2016 को कानपुर देहात से स्थानांतरित होकर हरदोई आए थे, जिस पर उनकी 10 सितंबर 2016 को सुरसा के प्रावि. ललौली में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती की गई थी। इसके बाद शिक्षक के खिलाफ
2016 में कानपुर देहात से स्थानांतरित होकर आया था शिक्षक
14 जुलाई 2025 को लोकायुक्त से शिकायत की गई थी कि उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी हैं। जिस पर बीईओ ब्रजेश त्रिपाठी से लविवि भेजकर अभिलेखों की जांच कराई। लविवि के परीक्षा नियंत्रक की ओर से बताया गया कि सूरजपाल ने स्नातक व बीएड में जिन अनुक्रमांक व वर्ष का जिक्र किया है, वह उनके नाम पर आवंटित नहीं है। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति पाने पर शिक्षक सूरज पाल को बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही शिक्षक से विभाग से लिए गए वेतन व अन्य देयकों की वसूली के लिए राजस्व विभाग को लिखा जाएगा।