लखनऊ। वर्तमान में प्रदेश सरकार में प्रमुख सचिव या उसके समकक्ष पद धारण करने वाला भी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बन सकेगा। कैबिनेट ने सर्कुलेशन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश को स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही आयोग को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल सकता है।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पूर्व में की गई व्यवस्था में कहा गया था कि अध्यक्ष पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा का सदस्य हो या रहा हो और राज्य सरकार में प्रमुख सचिव का पद या उसके समकक्ष पद धारण किया हो, उसका चयन होगा। अब इसमें संशोधन करते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार में प्रमुख सचिव का पद या उसके समकक्ष पद पर हो या रहा हो, आयोग का अध्यक्ष बन सकेगा।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश कैबिनेट से स्वीकृत
बाईके बाद वर्तमान में प्रमुख
सचिव के नए आयोग के अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि आयोग के तेजी से संचालन व पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया के आयोजन के लिए सरकार किसी प्रमुख सचिव को इसका अध्यक्ष बना सकती है। प्रदेश सरकार ने उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभागों में सहायक आचार्य, टीईटी, टीजीटी, पीजीटी के पारदर्शी व शुचितापूर्ण ढंग से भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन किया है। आयोग की पहली अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय के इस्तीफे के बाद आयोग नए अध्यक्ष की तलाश कर रहा है। इसके लिए 21 अक्तूबर तक आवेदन लिए गए हैं।