लखनऊ। लंबे समय से शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी की उम्मीद जाड़े की छुट्टियों में पूरी हो सकती है। शासन ने मंगलवार को शिक्षामित्रों के मूल विद्यालय वापसी का आदेश जारी कर दिया। इसका लाभ करीब 30 हजार शिक्षामित्रों को मिलेगा। इनमें महिला शिक्षामित्र अपने पति के घर की ग्राम पंचायत में तैनाती पा सकेंगी।

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बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पहले शिक्षामित्रों से तय प्रारूप पर जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर जो शिक्षामित्र वर्तमान तैनाती स्थल पर रहना चाहते हैं उनके विकल्प पर किसी कार्यवाही की
शासन ने जारी किया मूल विद्यालय वापसी का आदेश
जरूरत नहीं होगी। जो शिक्षामित्र अपने मूल तैनाती विद्यालय का विकल्प देते हैं और वहां पद खाली है तो उनकी तैनाती कर दी जाएगी।
जहां मूल तैनाती स्थल पर जगह खाली नहीं है उनको मूल विद्यालय की ग्राम सभा, ग्राम पंचायत या वार्ड के किसी विद्यालय में पद खाली होने पर तैनात किए जाएगा। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता वाली समिति प्रक्रिया पूरी करेगी। इसमें सीडीओ, डायट प्राचार्य, बीएसए व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सदस्य होंगे। ब्यूरो
जून से अटकी थी प्रक्रिया
शिक्षामित्रों के समायोजन व मूल विद्यालय में तबादले के लिए तीन जनवरी 2025 को शासनादेश जारी किया गया था। 12 जून को इसके क्रियान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। पर, विभाग इसका पालन सुनिश्चित नहीं करा सका है। आदेश जारी होने पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने शासन का आभार जताया है। समायोजन की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण में मूल विद्यालय में पद खाली रहने पर व पास के विद्यालय में तबादले के इच्छुक शिक्षामित्रों को मौका मिलेगा। इसके बाद दूसरे चरण में समायोजन होंगे। दूसरे चरण के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।