प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापकों को प्रधानाध्यापक पद का वेतन और एरियर मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रत्यावेदनों पर दो महीने के भीतर नियमानुसार निर्णय लें। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दिया है।
कुशीनगर निवासी लाल बहादुर समेत 114 शिक्षकों ने याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि वे प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रधानाध्यापक के पद का वेतन और बकाया एरियर दिया जाए। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया।

दलील दी कि सरकारी आदेश 14 अक्तूबर 2025 के अनुसार याची इस राहत के हकदार नहीं हैं। साथ
ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इन-सर्विस शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास अनिवार्य है।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि सभी 114 याचिकाकर्ता अगले तीन सप्ताह के भीतर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष अपना व्यक्तिगत प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। बीएसए को दो महीने के भीतर इस पर विचार कर एक सकारण और स्पष्ट आदेश पारित करना होगा।
मुख्तार के साले आतिफ, अनवर के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में जारी समन रद्द
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के साले आतिफ राजा उर्फ शर्जील राजा, अनवर समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत मामले में जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। कहा, धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत की धाराओं में एक साथ आपराधिक कार्यवाही नहीं चल सकती। लिहाजा, गाजीपुर सीजेएम 30 दिन के भीतर मामले पर नए सिरे से विचार कर सुसंगत धाराओं में समन जारी करें। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की अदालत ने दिया है। मामला गाजीपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 24 फरवरी 2023 को विकास कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मसूद आलम ने मुख्तार की पत्नी, साले समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।