प्रयागराज : रेलवे
बोर्ड ने अपने लाखों कर्मचारियों के लिए क्वार्टर रिटेंशन (आवास बरकरार रखने) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति की स्थिति में अब कर्मचारी बच्चों की शिक्षा के आधार पर अधिक अवधि के लिए सामान्य लाइसेंस शुल्क पर सरकारी आवास रख सकेंगे। यदि स्थानांतरण के समय बच्चा कक्षा एक से आठ में पढ़ रहा है, तो अब आवास को शैक्षणिक सत्र की समाप्ति के बाद एक अतिरिक्त महीने तक रखा जा सकता है। पहले यह अवधि सत्र समाप्ति के मात्र 15 दिन बाद तक थी। बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) में शामिल होने वाले बच्चों के लिए बड़ी राहत दी गई है। अब कर्मचारी बोर्ड परीक्षा के आखिरी पेपर के बाद तीन महीने तक आवास रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा केवल 15 दिनों की थी।
रेलवे बोर्ड की सामान्य पथ निदेशक नीलम यादव ने 23 मार्च को इसके लिए एनसीआर के जीएम नरेश पाल सिंह समेत सभी जोनल
पहले 15 दिन ही आवास बरकरार रखने की थी छूट
कक्षा एक से आठ के बच्चों के स्वजन को भी लाभ
रेलवे को पत्र जारी कर दिया है। बढ़ी हुई अवधि के दौरान कर्मचारी से सामान्य लाइसेंस शुल्क ही लिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस निर्णय से उन हजारों रेलकर्मियों को राहत मिलेगी जिनके बच्चों की परीक्षाएं या नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देश के क्रम में अब आवास बरकरार रखने के नए नियमों का पालन कराया जाएगा