`राजधानी में गैस किल्लत की आंच से करीब 300 स्कूलों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं। माल और मलिहाबाद विकास क्षेत्र के सर्वाधिक विद्यालय प्रभावित हैं। 25 हजार बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पा रहा है।`
_’सर गैस सिलिंडर खत्म हो गई है… गैस एजेंसी संचालक हर दिन दौड़ा रहे हैं लेकिन सिलिंडर नहीं दे रहे हैं। सिलिंडर खत्म होने की वजह से स्कूल में बच्चों के लिए खाना नहीं बन रहा है। गैस सिलिंडर की किल्लत पर यह पीड़ा सरकारी स्कूलों की हैं जहां सिलिंडर के अभाव में करीब सात दिनों से स्कूल में बच्चों को खाना नहीं मिल रहा है और वह विद्यालय में भूखे रहते हैं।’_
_राजधानी लखनऊ के मॉल और मलिहाबाद में करीब 315 परिषदीय विद्यालय हैं। इन स्कूलों के परिसर में ही करीब 25000 बच्चों के लिए खाना बनता है। गैस सिलिंडर की आफत ने सरकारी स्कूलों को भी प्रभावित किया है। आलम यह है कि कई विद्यालयों में लंबे समय से खाना नहीं बन रहा है। जबकि, कुछ विद्यालय के शिक्षक घर से सिंलिडर लाकर जैसे तैसे खाने का बंदोबस्त कर रहे हैं।_
*7 दिन से नहीं बना खाना*
_मॉल परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 75 छात्र-छात्राओं के लिए पिछले 7 दिनों से खाना नहीं बना। यहां पढ़ने वाले बच्चे स्कूल में भूखे रहते हैं। सिलिंडर की कमी पर शिक्षा विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। इस परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा है।