असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में हाईटेक सुरक्षा, संदिग्धों पर एसटीएफ का सख्त सर्विलांस
53 केंद्रों पर 82 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग और सुरक्षा तंत्र से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों से नो रिलेशन सर्टिफिकेट लिया गया है।
जिलों के अनुसार कई स्थानों पर एसटीएफ की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। परीक्षा से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा है। 33 विषयों के 910 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आयोग ने कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया है।
परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों, मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों और केंद्र निरीक्षकों से यह लिखित घोषणा कराई गई है कि उनके परिवार का कोई सदस्य इस परीक्षा में शामिल नहीं होगा।
■ कई सेट में तैयार हुए प्रश्नपत्र
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए इस बार प्रश्नपत्र कई सेटों में तैयार किए गए हैं। प्रत्येक सेट से परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके। चयन मल्टीयूजेक्टिव प्रोग्राम के जरिए अंतिम समय में किया जाएगा, ताकि प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका न रहे। एक ही कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रश्नपत्र दिए जाएंगे।
दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए शासन की गाइडलाइन के अनुसार विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
■ ओएमआर से दर्ज होगी उपस्थिति
आयोग ने पहली बार पारदर्शिता के तहत अभ्यर्थियों की उपस्थिति ओएमआर शीट के माध्यम से दर्ज कराने की व्यवस्था की है। यह प्रयोग सफल होने पर भविष्य की परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।