लखनऊ। प्रदेश में अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत नामांकन प्रक्रिया में शासन की सख्ती का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद पिछले चार दिनों में 15679 नए प्रवेश दर्ज किए गए हैं।
गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए नए सत्र में कुल 195740 सीटें आवंटित की गई थीं। इनमें से अब तक निजी स्कूलों में 124545 बच्चों का नामांकन हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 63.6% है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल तक यह संख्या 1,08,866 थी। इसके बाद महज चार दिनों में 15,679 नए प्रवेश हुए, जो लगभग 14.4% की वृद्धि दर्शाता है। हाल – ही में अपर मुख्य सचिव ने सभी
जिलाधिकारियों (डीएम) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश दिए थे कि 25 अप्रैल तक आरटीई के तहत आवंटित सभी सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए।
निर्देशों में यह भी कहा गया कि जहां कहीं भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां सीधे कार्रवाई की जाएगी। इसी सख्ती का परिणाम है कि नामांकन प्रक्रिया में तेजी आई है। सरकार ने आरटीई के तहत प्रवेश अभियान को मिशन मोड में चलाते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।