लखनऊ : देश-प्रदेश में जनगणना से जुड़ी प्रक्रिया तेजी पकड़ रही है। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और मकान सूचीकरण व गणना का कार्य भी शुरू हो चुका है। इस कार्य के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्यालयों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर विद्यालय बंद तक हो गए हैं।
अप्रैल के अंत में अधिकांश जिलों में जनगणना प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों को सुबह से शाम तक व्यस्त रहना पड़ा। इसका असर विद्यालयों की पढ़ाई और ‘स्कूल चलो अभियान’ पर भी पड़ा है। फर्रुखाबाद के बीएसए ने डीएम को पत्र लिखकर बताया कि सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को मकान गणना में लगा देने के कारण विद्यालय बंद हो गए हैं। उन्होंने प्रधानाध्यापकों को इस कार्य से मुक्त करने की मांग की है।
इसी प्रकार बरेली और उन्नाव सहित अन्य जिलों के बीएसए ने भी जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाए जाने से विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इससे ‘स्कूल चलो अभियान’, नए पंजीकरण और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) जैसी योजनाएं भी बाधित हो रही हैं। उन्होंने प्रधान शिक्षक और इंचार्ज शिक्षकों को इस ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है, ताकि विद्यालयों में पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
वरिष्ठता का मुद्दा भी उठा
शिक्षकों और बीएसए ने यह भी बताया कि एक ही विद्यालय में 4200 ग्रेड पे वाले शिक्षक को सुपरवाइजर और 4600 व 4800 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को प्रगणक बनाया गया है, जो वरिष्ठता के विपरीत है। उन्होंने मांग की है कि ड्यूटी निर्धारण में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए और इस संबंध में स्पष्ट लिखित आदेश जारी किए जाएं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि पहले शिक्षकों को लंबे समय तक एसआरआईआर में लगाया गया, उसके बाद बोर्ड परीक्षाओं में भी उनकी ड्यूटी लगाई गई। इससे परिषदीय विद्यालयों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई। अब जब नया सत्र शुरू हो रहा है और ‘सर्व शिक्षा अभियान’ व ‘स्कूल चलो अभियान’ चल रहे हैं, तब भी शिक्षकों को जनगणना में लगा दिया गया है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया जाए। कई कम मानदेय वाले कर्मचारी स्वयं इस ड्यूटी में शामिल होना चाहते हैं। इससे विद्यालयों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और जनगणना कार्य भी सुचारू रूप से पूरा हो सकेगा।