प्रयागराज। प्रदेश के बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत महिला अधिकारी और कर्मचारी की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अति महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के बावजूद उन्हें समुचित स्थान तो दूर, बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
कई महिला अधिकारियों को प्रसाधन जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भटकना पड़ता है। इसके लिए उन्हें दूसरे अधिकारियों के प्रसाधन कक्ष का सहारा लेना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में महिला अधिकारी व कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे कर पाएंगी।
प्रयागराज मंडल में हाल ही में सृजित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के पद की स्थिति इसका साक्षात प्रमाण है। 26 अप्रैल को कार्यभार ग्रहण
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की महिला कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधिकारियों के कमरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन महिला कर्मचारियों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। इससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कार्यस्थल पर ऐसी स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि यह व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। इस पूरे मामले पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
करने वाली क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सुनीता जायसवाल बताती हैं कि यहां कार्यालय तो दूर, बाथरूम तक की व्यवस्था नहीं है जबकि वह प्रथम श्रेणी की अधिकारी हैं। हालांकि उन्होंने इस स्थिति के संबंध में निदेशक सहित अन्य अधिकारियों को अवगत करा दिया है।