सात मई से शुरू होगी ऑनलाइन स्व-गणना, लोगों को खुद फॉर्म भरने का मिलेगा मौका
प्रयागराज। जिले में सात मई से स्व-गणना शुरू होने जा रही है। इसमें लोगों को पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन स्व-गणना करने का मौका मिलेगा। ऑनलाइन दर्ज सूचनाओं में संशोधन कराया जा सकेगा लेकिन मुखिया का नाम बाद में नहीं बदला जा सकेगा।
जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और गणना का कार्य 22 मई से शुरू होगा। इससे पहले सात से 21 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना होगी। बाद में प्रगणक जब घर आएंगे तो ऑनलाइन दर्ज की गई जानकारी की पुष्टि करेंगे और ई-सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे ऑनलाइन स्व-गणना करने वाले व्यक्ति और प्रगणक दोनों का समय बचेगा।
स्व-गणना तहत के http://se.census.gov.in पर जाकर भाषा चुनना है और इसके
बाद पोर्टल पर लॉगिन करना है। स्व-गणना की प्रक्रिया चार खंडों में पूरी होगी। पहले खंड में लॉगिन के बाद परिवार के मुखिया का नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी (यदि हो) दर्ज करना है।
एक परिवार के केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है। एक बार पंजीकृत होने के बाद इस नंबर का उपयोग किसी अन्य परिवार के लिए नहीं किया जा सकता है। दूसरे खंड में भाषा और ओटीपी का सत्यापन होगा।
इसमें सत्यापित भाषा को चुनना होगा और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करना होगा लेकिन चुनी गई भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकेगा। ओटीपी सत्यापन के साथ अपने जिले, उपजिले, गांव/कस्बे/शहर व इलाके का विवरण दर्ज करना होगा।
मानचित्र पर सटीक आवासीय स्थान की पहचान करनी होगी व पिन करना होगा और लाल मार्कर को सही स्थान पर खींचना होगा। तीसरे खंड में पूरे परिवार की जानकारी दर्ज करनी
होगी और प्रश्नों एवं आवश्यक जानकारी नोट्स पर दिए गए निर्देशों व स्पष्टीकरणों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सभी अनिवार्य अनुभाग भरने होंगे।
इसके बाद पूर्वावलोकन व समीक्षा होगी। इसमें दर्ज किए गए सभी डाटा की जांच करनी होगी। पूर्वावलोकन स्क्रीन कर उपयोग करना होगा और यदि आवश्यक हो तो संशोधन भी किया सकेगा। इसके बाद डाटा को अंतिम रूप से सबमिट करना होगा।
एक बार डाटा सबमिट हो जाने के बाद फॉर्म लॉक हो जाएगा। भविष्य के रेफरेंस के लिए डाटा को सुरक्षित रखा जा सकेगा। चौथे खंड में क्षेत्र सत्यापन होगा।
यानी जनगणना अधिकारी घर पर जाएंगे और दर्ज की गई ऑनलाइन जानकारी की पुष्टि करते हुए ई-सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। ई-सत्यापन के बाद सूचनाएं गलत दर्ज होने की कोई आशंका भी नहीं रह जाएगी।
स्व-गणना के लिए जनता से जुड़े विभाग की ली जाएगी मदद
जिला जनगणना अधिकारी एडीएम एफआर ने बताया कि विभागों के माध्यम से भी आम लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा। जो विभाग सीधे जनता से जुड़े हैं, वहां कर्मचारियों को स्व-गणना प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पंचायती राज विभाग, विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों की स्व-गणना को सफल बनाने में मदद ली जाएगी।