लखनऊ। प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से सेवानिवृत्त हुए काफी शिक्षक व प्रधानाध्यापक मार्च में सेवानिवृत्त होने के बाद अब भी अपनी पेंशन, ग्रेच्युटी, जीपीएफ आदि के भुगतान आदेश के लिए भटक रहे हैं। इतना ही नहीं इसको जारी करने के लिए संबंधित जिलों के पटल सहायकों पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया है।
संघ के प्रांतीय वरिष्ठ संयुक्त मंत्री अनिल कुमार व प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा है कि 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों आदि को एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। सेवानिवृत हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं में से मात्र 20% को पेंशन, ग्रेच्युटी, राशिकरण व जीपीएफ का भुगतान आदेश मिला है। 80% शिक्षकों को एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी
राजकीय शिक्षक संघ ने निदेशक पेंशन को लिखा पत्र
जल्द सुधार न होने पर प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी भी
आदेश नहीं मिला है।
सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बताया है कि संबंधित जिलों के पटल सहायकों द्वारा फोन करके पेंशन व अन्य देयको के आदेश के लिए खर्च मांगा जा रहा है। इसे न देने के कारण 80% शिक्षकों को अद्यतन पेंशन व अन्य देयको के भुगतान का आदेश प्राप्त नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जल्द इसमें सुधार न होने पर प्रदेश के सभी अपर निदेशक पेंशन कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। साथ ही जरूरत पड़ने पर पेंशन निदेशक कार्यालय पर भी धरने की बात कही है।