प्रयागराज : जनगणना अभी शुरू नहीं हुई, लेकिन लापरवाहियां सामने आने लगी हैं। प्रगणकों की तैनाती में कर्मचारियों की मनमानी सूची बनाई गई है। यह भी नहीं देखा कि जिन्हें प्रगणक बना रहे हैं वह सेवा में हैं या नहीं? सेवानिवृत्त व दूसरे जिलों में कार्यरत कर्मचारियों को भी प्रगणक बनाया गया है।
सात मई को स्वगणना के साथ जनगणना की शुरुआत होनी है। इसको लेकर प्रगणकों का प्रशिक्षण चल रहा है। महर्षि भारद्वाज चौराहा स्थित सदर पशु चिकित्सालय में तैनात रहे चीफ फार्मासिस्ट हरिओम सिंह दिसंबर-2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्हें प्रशिक्षण के लिए बुलाया जा रहा है। जैनुल आबदीन दिसंबर-2025 और हरि नारायण पिछले साल फरवरी में पशुपालन विभाग से फार्मासिस्ट पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनके नाम भी प्रगणकों की सूची में हैं। प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए इनके पास फोन पर फोन पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं,
जनगणना के प्रशिक्षण के लिए जिला मुख्यालय से फोन पर भेजा जा रहा बुलावा
जनगणना में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी सूची संबंधित विभागों से आई थी। ऐसा कैसे हुआ, इसे दिखवाया जाएगा।
विनीता सिंह, एडीएम एफआर
कानपुर में कार्यरत पशु चिकित्सक डा. आलोक वर्मा और बलिया में तैनात डा. अजय को भी प्रयागराज की जनगणना के लिए प्रगणकों में शामिल किया गया है। इसी तरह काफी सेवानिवृत्त व दूसरे जनपदों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी हैं जिन्हें प्रगणक बनाया गया है। जनगणना में उन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की मनाही थी, जो सेवानिवृत्ति के करीब हों। इसके बाद भी पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी लक्ष्मीशंकर, कमल कुमार त्रिपाठी और मशरूल अहमद की ड्यूटी लगा दी गई है। जबकि, यह तीनों ही कर्मचारी इसी साल अगस्त से नवंबर के बीच सेवानिवृत्त हो रहे हैं।