यूपी: सप्ताह में 2 दिन का होगा वर्क फ्रॉम होम, जानें CM योगी ने सबसे पहले किन कंपनियों के लिए दिया आदेश
वैश्विक हालात, ऊर्जा बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के बड़े औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की दिशा में एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली बचत, कार पूलिंग और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में आ गए हैं. वैश्विक हालात, ऊर्जा बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के बड़े औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की दिशा में एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली बचत, कार पूलिंग और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ हुई बैठक में साफ कहा कि बदलते वैश्विक हालात को देखते हुए
उत्तर प्रदेश को अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यवहारिक रूप से लागू करने की बात कही.
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास विभाग और आईआईडीसी को निर्देश दिया कि वे बड़े औद्योगिक संस्थानों, आईटी सेक्टर और बड़े स्टार्टअप्स को वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करें. जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा, ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी. साथ ही कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी.
सीएम योगी ने कहा कि बदलाव की शुरुआत सरकार से होनी चाहिए. उन्होंने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की. इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में सरकारी कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेजों के छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए. बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि अनावश्यक वाहनों को फ्लीट से हटा जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके और जनता के ब सकारात्मक संदेश जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी बैठकों, सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें ऑनलाइन की जाएं. शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए कि स्कूलों और कॉलेजों के सेमिनार और बैठकों को डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाए.