📢 अर्जित अवकाश विशेष…
🗂️ जनगणना 2026 : शिक्षक समाज की आवाज़
22 मई 2026 से जनगणना 2026 का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। देश के इस महत्वपूर्ण दायित्व में शिक्षक वर्ग पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जुटा हुआ है। लेकिन कार्य प्रारम्भ होते ही कई स्थानों पर जल्दबाज़ी में फीडिंग एवं डाटा अपलोड कराने का दबाव बनाया जाने लगा है, जो व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं कहा जा सकता ✍️
सभी जानते हैं कि जनगणना केवल आंकड़े भरने का कार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, नजरी नक्शा, भवनों का चिन्हांकन, परिवारों का सत्यापन और सूचनाओं की शुद्धता सुनिश्चित करने जैसी अत्यंत गंभीर प्रक्रिया है। प्रारम्भिक चरण में ही कर्मचारियों को घंटों मेहनत करनी पड़ती है, तब जाकर कार्य व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ता है ✍️
इसके बावजूद लगातार दबाव बनाना, रविवार अथवा अवकाश के दिनों में भी कार्य कराने की अपेक्षा करना, शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों की अनदेखी जैसा प्रतीत होता है। वर्तमान में परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश चल रहा है, ऐसे में अधिकांश शिक्षक अपने पारिवारिक दायित्वों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के बीच भी राष्ट्रीय कार्य को प्राथमिकता दे रहे हैं ✍️
साथियों, आपका समर्पण प्रशंसनीय है, लेकिन यह भी उतना ही आवश्यक है कि आपके श्रम, समय और अतिरिक्त जिम्मेदारियों का सम्मान हो। जब शिक्षक समाज चुनाव, जनगणना, सर्वेक्षण और अन्य विभागीय कार्यों में निरंतर योगदान देता है, तब अर्जित अवकाश (Earned Leave) की मांग कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि न्यायोचित अधिकार है ✍️
अतः आवश्यक है कि हम सभी संयमित एवं सकारात्मक तरीके से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुँचाते रहें, ताकि भविष्य में शिक्षकों के हितों और सम्मान को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिए जा सकें ✊
🇮🇳 राष्ट्रहित में कार्य भी पूरी निष्ठा से करें और अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक रहें।