मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए जाने पर से जवाब तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ौदा ग्रामीण बैंक द्वारा मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दिए जाने पर बैंक से जवाब तलब किया है। ग्रामीण बैंक द्वारा 15 मार्च 2019 को जारी उस सर्कुलर को कोर्ट में चुनौती दी गई है जिसमें सर्कुलर जारी होने की तिथि से पूर्व मृत बैंक कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति देने पर रोक लगाई गई है। अनुराग सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने दिया है।

याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि बड़ौदा ग्रामीण बैंक ने 15 मार्च 2019 को सर्कुलर जारी कर निर्णय लिया है कि सर्कुलर जारी होने की तिथि से पूर्व मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति नहीं दी जाएगी। जबकि ग्रामीण बैंक नाबार्ड के अंतर्गत आता है और केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने 2014 में आदेश जारी कर सभी बैंकों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

यह आदेश नाबार्ड पर भी लागू है। बावजूद इसके बड़ौदा ग्रामीण बैंक मनमाने तरीके से अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा रहा है। कोर्ट ने प्रकरण को विचारणीय मानते हुए बड़ौदा ग्रामीण बैंक से सब इस मामले में 6 सप्ताह में जवाब तलब किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अनुकंपा आधार पर नियुक्ति दी जाती थी मगर इसके बाद अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लग गई। 2014 में केंद्र सरकार के आदेश पर अनुकंपा नियुक्ति फिर से शुरू कर दी गई है। याची ने इसी आधार पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग की है।