इस जिले में 99 हजार लाभार्थियों के खाते में भेजे गए 500-500 रुपए

सरकार ने असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को लाभांवित करना शुरू कर दिया है। ई-श्रम पंजीकरण करा चुके मजदूरों के बैंक खातों में रकम पहुंचनी शुरू हो गई है। बैंक खातों में लोगों को पांच-पांच सौ और एक-एक हजार रुपये पहुंचने लगे हैं। त्योहार से पहले और पिछले महीने भी बैंक खातों में रुपये पहुंच चुक हैं। जिसके बाद से मजदूरों के चेहरों पर खुशी देखने को मिलने लगी है।

जिले में श्रम विभाग के तहत ई-श्रम पंजीकरण चल रहे हैं। नंबवर महीने में ई-श्रम पंजीकरण की शुरुआत हुई थी जिसके बाद अब तक जिले में 14 लाख से अधिक लोग ई-श्रम पंजीकरण करा चुके हैं। जनपद के लिये शासन से 17 लाख 50 हजार का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष करीब 14 लाख संख्या पार हो गई है। ई-श्रम पंजीकरण से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को आपदा राहत कोष का धन एवं सरकारी योजनाओं से मिलने वाली धनराशि मिला करेगी।

फिलहाल पांच-पांच सौ रुपये महीने के हिसाब से बैंक खाते में जाने थे यह रुपये चार महीने के भेजने थे। अब तक किसी के खाते में एक-एक हजार करके दोनों हजार रुपये पहुंच गये हैं तो कुछ के खाते में पांच-पांच सौ रुपये करके भेजे जा चुके हैं। पहली किश्त फरवरी और दूसरी किस्त मार्च में बैंक खातों में जा चुकी है। बता दें कि जिले में पंजीकरण जरूर 14 लाख हुये हैं लेकिन अभी फिलहाल में पहली बार में शासन नने 99 हजार लोगों के खातों को उठाया है जिसमें धन भेजा जा रहा है।

जनपद का हर तीसरा व्यक्ति मजदूर

सरकार ने एक-एक हजार रुपये लाभ देने के लिये ई-श्रम पंजीकरण योजना संचालित की। इसको लेकर जिले का हर तीसरा व्यक्ति मजदूर बन गया है। आंकड़ों की तरफ देखेंगे तो जनपद की आबादी 36 लाख है, जिसमें करीब 28 लाख लोग बालिग हैं और आठ लाख से अधिक नाबालिग व बच्चे हैं। इन आंकड़ों के बीच अब तक जनपद से 14.42 हजार लोग ई-श्रम पंजीकरण करा चुके हैं। इसलिये आंकड़ों में हर तीसरा व्यक्ति मजदूर बन गया है।

जनसेवा केंद्रों पर चल रहे पंजीकरण

जिले में श्रमिकों के लिये यूपी सरकार की योजना है जिसमें ई-श्रम पंजीकरण कराये जा रहे हैं। इसमें वही लोग हैं जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हैं जिनको तमाम आपदा एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। इसके लिये श्रम विभाग के पोर्टल पर जाकर स्वंय भी पंजीकरण कर सकते हैं साथ ही जनसेवा केंद्रों पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।

श्रम परिवर्तन अधिकारी सतेंद्र मिश्रा ने बताया, जिले में 14 लाख से अधिक श्रमिकों ने ई-श्रम पंजीकरण के तहत पंजीकरण कराया है। पांच-पांच सौ रुपये चार महीने के जाने हैं, एक-एक हजार रुपये खाते में भेजे जा रहे हैं। कुछ के बैंक खाते में रुपये पहुंच गये हैं कुछ में पहुंच जायेंगे। सरकारी लाभ यह सीधे लखनऊ से बैंक खाते में दिये जा रहे हैं।