मिड-डे-मील में परिषदीय छात्र अब खाएंगे पौष्टिक चावल,जुलाई से कोटेदार से लें यही चावल

गोंडा। परिषदीय स्कूलों के पौने पांच लाख बच्चों को मिडडे मील में अब सामान्य चावल की जगह पौष्टिक (फोर्टिफाइड) चावल मिलेगा। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए अलग से चावल तैयार किया जाएगा। जिसकी आपूर्ति कोटेदारों के माध्यम से होगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं। बच्चों को पोषणयुक्त चावल मुहैय्या कराने का अभियान चलेगा, कोटेदारों के यहां निगरानी में चावल दिलाया जाएगा। जिससे कोई हेराफेरी न हो सके। स्कूलों में जुलाई माह से मिडडे मील में पोष्टिक तत्वों से भरपूर चावल दिया जाएगा।

जिले के 2611 परिषदीय स्कूलों में मिडडे मील में बदलाव किया गया है। चावल की गुणवत्ता सुधारने के साथ (फोर्टिफाइड) चावल के इस्तेमाल की व्यवस्था बनी है। एमडीएम समन्वयक गणेश गुप्ता कहते हैं कि शासन ने सामान्य चावल की व्यवस्था को परिवर्तित करके पोषक तत्व युक्त चावल की आपूर्ति की है। इसका प्रयोग सिर्फ एमडीएम के लिए होगा। स्कूलों में मंगलवार को चावल-दाल, बुधवार को तहरी व दूध, शुक्रवार को तहरी में सोयाबीन बड़ी व चावल सोयाबीन युक्त सब्जी देनी है। चार दिनों चावल का इस्तेमाल स्कूलों में होता है। नए तरीके के चावल के इस्तेमाल से बच्चों में पोषक तत्व मिलेगा और वह स्वस्थ रहेंगे।

पोषक गुणों से भरपूर है फोर्टिफाइड चावल
पौष्टिक (फोर्टिफाइड) चावल तैयार करने के लिए चावल से टुकड़ों को अलग किया जाता है। साफ चावल को आटे की तरह पीसा जाता है। इसके बाद आटे में पोषक तत्व को मिलाया जाता है। पीसे चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 या फिर माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाया जाता है। अब इस तरह से तैयार किए चावल के आटे को फिर चावल की तरह प्लांट में बनाया जाता है। इन चावलों को सौ किलो चावल की बोरी में एक किलो मिक्स करके एमडीएम के लिए दिया जाना है। ये पोषक तत्व एनीमिया व सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से बचाता है। बच्चों को कई पोषक तत्व एमडीएम से प्राप्त होंगे। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह बताते हैं कि आयरन एनीमिया से बचाव करता है। फोलक एसिड भ्रूण निर्माण व खून बनाने में सहायक होता है। विटामिन बी 12 नर्व सिस्टम के सामान्य कामकाज में सहायक होता है। उन्होंने बताया कि फोर्टिफाइड चावल नियमित सेवन से बेहतर पोषण और स्वास्थ्य होता है। फोर्टिफाइड चावल को पर्याप्त पानी में पकाना चाहिए और बचे हुए पानी को फेंकना नहीं चाहिए। अगर चावल को बनाने से पहले पानी में भिगोया गया है तो चावल को उसी पानी में पकाना चाहिए।
एमडीएम में फोर्टिफाइड चावल के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है। जिससे बच्चों को पोषक तत्व मिल सकें। चावल की आपूर्ति के लिए निर्देश दिए गए हैं। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए