अलीगढ़। कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या करने के बाद प्रबंधक उसका शव ठिकाने लगाने आगरा तक दौड़ा था। स्कूल में शिक्षक और बच्चे न आएं, इसके लिए उसने स्कूल के ग्रुपों पर छुट्टी का मेसेज भी डाल दिया था। ठीक पांच बजे यह मेसेज पहुंचा था। सोमवार को जांच करने पहुंची तीन अफसरों की कमेटी के समक्ष डीएल पब्लिक स्कूल के शिक्षकों ने यह बयान दर्ज कराए हैं।

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शिक्षकों ने कहा कि जब मेसेज आ गया तो वह स्कूल गए ही नहीं। उन्हें तो शाम को पता चला कि स्कूल के हॉस्टल में कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या हो गई है। हाथरस के सहपऊ ब्लॉक के गांव रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। कृतार्थ तुरसेन गांव निवासी श्रीकृष्ण का इकलौता बेटा था।