संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में भेजे गए कंपोजिट ग्रांट का रिकार्ड न देने पर जिले के सभी बीईओ और 116 हेडमास्टर का वेतन रोक दिया गया है। बीएसए ने इनसे 15 अक्तूबर तक जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की बात कही है।

- Old order : प्र०अ० को सरप्लस घोषित कर समायोजित करने पर मा० न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई तक लगाई गई रोक, कोर्ट ऑर्डर देखें
- बेसिक में कहीं जूनियर शिक्षक का तबादला तो कहीं सीनियर का….. बड़े अफसर मौन
- सरप्लस सूची में नाम आने पर शिक्षक ने BSA को भेजा आपत्ति पत्र, जबरन समायोजन पर दें BSA को यह
- हेड/वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस दिखाने पर BSA को दें यह आपत्ति पत्र, समायोजन प्रक्रिया पर दें यह एप्लीकेशन
- LT ग्रेड मुख्य परीक्षा 2025: अंग्रेजी विषय की परीक्षा 17 मई को प्रयागराज में होगी आयोजित, आयोग ने जारी किए निर्देश
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि समग्र शिक्षा के तहत स्कूलों में विकास से संबंधित कंपोजिट ग्रांट के तहत रकम भेजी गई थी। विद्यालयों पर क्या कार्य हुए और उसमें कितनी धनराशि खर्च हुई। इसका कोई भी ब्योरा नहीं दिया गया। जबकि धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी गई थी। प्रधानाचार्यों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। यह भी आदेश दिया गया था कि कंपोजिट ग्रांट के तहत हुए खर्च का ब्याेरा पोर्टल पर अपलोड किया जाना था, लेकिन 116 विद्यालयों ने अपलोड नहीं किया। इसमें खलीलाबाद ब्लॉक के 52, मेंहदावल ब्लॉक के सात, नाथनगर ब्लॉक के 23, बेलहर कला के 11, सेमरियावां के दो, सांथा के दो, पौली के चार, बघौली के छह और हैंसर बाजार के नौ विद्यालय शामिल है।
इन सभी विद्यालयों के हेडमास्टर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित बीईओ का भी वेतन रोका गया है। 15 अक्तूबर तक जवाब मांगा गया है। संतोष जनक जवाब न मिलने पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।