नई दिल्ली, : केंद्र ने कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण और पदों की पहचान सुव्यवस्थित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें ऐसे पदों की समय-समय पर पहचान और उनका मूल्यांकन करने के लिए समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है। साथ ही दृष्टि बाधित, चलने-फिरने में अक्षम, श्रवण बाधित व बौद्धिक अक्षमता सहित विभिन्न श्रेणियों में सीधी भर्ती और पदोन्नति में चार प्रतिशत आरक्षण का भी
प्रविधान किया गया है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई पद दिव्यांगों के लिए उपयुक्त समझा जाता है तो उसके बाद के पदोन्नति वाले सभी पद भी दिव्यांगों के लिए आरक्षित रहेंगे। ये दिशानिर्देश दिव्यांगजन

- स्कूल रेडीनस फेज-1 एंडलाइन आकलन 2026: कक्षा 1 शिक्षक 30 अप्रैल तक प्रेरणा ऐप पर DCF से करें मूल्यांकन, देखें यूजर मैन्युअल
- भीषण गर्मी के चलते स्कूल समय बदला, सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक कक्षाएं
- स्थानांतरण वाले #शिक्षामित्र भाई बहनों के लिए कार्यभार ग्रहण प्रपत्र प्रारूप ✅✅🙏👇👇
- ब्रिज कोर्स _69K पंजीकरण की नई अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2026 की मध्यरात्रि तक बढ़ाई गई……. 🤔
- जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हेतु नियुक्त प्रगणक / पर्यवेक्षकों में नियुक्त प्र०अ० / इं०प्र०अ० को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने के सम्बन्ध में
केंद्र ने एकरूपता के लिए जारी किए दिव्यांग आरक्षण के दिशानिर्देश
बाद के पदोन्नति वाले सभी पद भी दिव्यांगों के लिए होंगे आरक्षित
अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप हैं। यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम, 2016 के क्रियान्वयन में विसंगतियों को चिह्नित करने और पदों की पहचान में अनधिकृत कार्रवाई के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) जैसी संस्थाओं की आलोचना करने के बाद उठाया गया है। नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों में दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार में समावेशिता, निष्पक्षता और एकरूपता सुनिश्चित करना है।