चंदौसी। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में रूके पड़े विकास कार्यों को अब गति मिल सकेगी। शासन ने 25 फीसदी कंपोजिट ग्रांट जारी कर दी है। यह धनराशि स्कूलों के खाते में भेजी जाएगी। इससे स्कूलों में स्वच्छता, रंगाई पुताई के अलावा मरम्मत के कार्य हो सकेंगे।
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब 1,58000 बच्चे अध्यनरत हैं। इन स्कूलों को बच्चों के हिसाब से कंपोजिट ग्रांट की धनराशि मिलती है।

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जिसके तहत 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार, 200 छात्र संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार और 300 छात्र संख्या वाले स्कूलों को एक लाख रुपये की धनराशि कंपोजिट ग्रांट के रूप
में प्राप्त होती है। इस धनराशि से शिक्षक चाक से लेकर हाथ धोने के लिए साबुन, टॉयलेट क्लीनर सहित स्कूलों की जरूरत की वस्तुएं खरीदते हैं। साथ ही स्कूलों में रंगाई पुत्ताई भी कराई जाती है। इसके अलावा स्वच्छता सामग्री व छोटी मोटी मरम्मत पर भी कंपोजिट ग्रांट का रुपया खर्च किया जाता है। शिक्षकों को यह धनराशि 31
मार्च तक खर्च करनी होती है। शासन की ओर से जिले के परिषदीय स्कूलों के लिए यह धनराशि आवंटित कर दी गई है।
हालांकि 25 फीसदी ही धनराशि अभी स्कूलों के लिए दी गई है। बांकी, 75 फीसदी धनराशि भी जल्द मिलने की उम्मीद है। इस धनराशि का दस फीसदी हिस्सा स्वच्छता के कार्य पर खर्च करना होगा। बाकी से रंगाई पुताई, फर्स्ट एंड बाक्स, विद्युत उपकरण व मरम्मत के कार्य शिक्षक कर सकेंगे।
अभी शासन की ओर से सिर्फ 25 फीसदी ही कंपोजिट ग्रांट जारी की गई है। इससे स्कूलों के रंगाई पुताई सहित अन्य कार्य शिक्षक कर सकेंगे। बाकी 75 फीसदी कंपोजिट ग्रांट की धनराशि भी जल्द ही मिलने की उम्मीद है। अलका शर्मा, बीएसए